अघोरियों की वशीकरण साधना: विधि, मंत्र और सावधानियाँ

अघोरियों की वशीकरण साधना: विधि, मंत्र और सावधानियाँ
वैसे तो हमारे समाज में वशीकरण के कई तरीके आजमाए जाते हैं, लेकिन अघोरियों की क्रिया-विधि और उनके तरीके कुछ अलग होते हैं। इसलिए इन टोटकों को आजमाने से पहले यदि किसी अघोरी का आशीर्वाद या मार्गदर्शन ले लिया जाए, तो इसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है।

हालाँकि, इस चक्कर में किसी गलत वाममार्गी के चक्कर में पड़ने का भय भी रहता है। जिस प्रकार हमारी दुनिया में अच्छे और बुरे लोग होते हैं, उसी प्रकार अघोरी भी सच्चे और पाखंडी हो सकते हैं। कहा जाता है कि सच्चा अघोरी किस्मत से ही मिलता है। इसलिए किसी टोटके के लिए संपर्क करने से पहले उसके बारे में अच्छी तरह पड़ताल कर लें, वरना जीवन भर पछताना पड़ सकता है।

वशीकरण टोटके की विधि

यह टोटका किसी भी सोमवार को रात के ग्यारह बजे के बाद शुरू करने का वर्णन किया गया है।

स्नान करके लाल वस्त्र धारण करें और किसी पीढ़े पर भगवान शिव की प्रतिमा, शिवलिंग या तस्वीर स्थापित करें। स्टील या लोहे से बनी एक थाली लें। अब उस पर काजल से “ॐ अघोरेभ्यो घोरेभ्यो नमः” लिख दें।

इसके बाद जिस व्यक्ति को वशीभूत करना हो, उसके पहने हुए कपड़े का एक टुकड़ा थाली के ऊपर बिछा दें। अब सिंदूर या कुमकुम से उस व्यक्ति का नाम लिख दें। पीढ़े पर उस व्यक्ति का चित्र भी रखें।

इसके बाद पाँच मिनट तक भगवान शिव का ध्यान करें और रुद्राक्ष की माला पर निम्नलिखित मंत्र का जाप करें।

वशीकरण मंत्र

“शिवे वश्ये हूँ, वश्ये (व्यक्ति का नाम) वश्ये हूँ, वश्ये शिवे वश्यं मे वश्यं मे वश्यं मे फट् स्वाहा।”

मूल पाठ में मंत्र के कुछ शब्दों का क्रम और उच्चारण स्पष्ट नहीं है; इसलिए जप से पहले किसी प्रामाणिक स्रोत से मंत्र की पुष्टि कर लेना उचित होगा।

मंत्र-जाप और समापन

मूल विधि में इस मंत्र की इक्यावन माला जाप करने का उल्लेख है। जाप पूरा होने के बाद ऋषि मुंडकेश तथा अघोरेश्वर शिव से याचना करने की बात कही गई है।

इस प्रकार की साधना से संबंधित कुछ लोकमान्यताओं में साधना के दौरान अजीब अनुभूतियाँ होने का उल्लेख मिलता है। हालाँकि, ऐसी अनुभूतियाँ किसी अलौकिक प्रभाव या साधना की सफलता का प्रमाण नहीं हैं।

यह विधि केवल एक सामान्य मंत्र-जाप नहीं, बल्कि एक विशेष साधना के रूप में प्रस्तुत की गई है। इसे करने से पहले इसके उद्देश्य, परंपरा और संभावित जोखिमों को समझना आवश्यक है।

किसी भी साधना का उद्देश्य अनैतिक नहीं होना चाहिए। किसी दूसरे व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा और सहमति का सम्मान करना भी आवश्यक है।

ॐ


🔱 शिव शक्ति सेवा धाम की सेवाएँ 🔱

तंत्रशक्ति पीठ एवं साधना केंद्र, दिल्ली

🙏 हमारी प्रमुख सेवाएँ

  • 🕉️ गुरु-दीक्षा एवं साधना संबंधी मार्गदर्शन

  • 📿 मंत्र-जप एवं मंत्र-साधना संबंधी जानकारी

  • 🔱 महाविद्या साधना संबंधी मार्गदर्शन

  • 🛡️ आध्यात्मिक सुरक्षा एवं रक्षा-साधना संबंधी जानकारी

  • 📖 स्तोत्र, कवच एवं मंत्रों का पाठ और उनका अर्थ

  • 🪔 पूजा-पाठ, हवन एवं धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी

  • 📚 तंत्र-मंत्र एवं शास्त्रीय विषयों पर मार्गदर्शन

  • 🌺 मंत्र-संस्कारित साधना सामग्री संबंधी जानकारी

📞 संपर्क करें

शिव शक्ति सेवा धाम
तंत्रशक्ति पीठ एवं साधना केंद्र, दिल्ली

📍 पता: शिव शक्ति सेवा धाम, तंत्रशक्ति पीठ एवं साधना केंद्र, दिल्ली

💚 व्हाट्सऐप: 7042510765 पर संपर्क करें

॥ जय माँ भगवती! ॥
॥ हर हर महादेव! ॥


⚠️ आवश्यक सूचना: सभी तांत्रिक क्रियाएँ व साधनाएं सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से दी गई हैं, गुरु के मार्गदर्शन मे ही कोई साधना व तंत्र क्रिया करें अन्यथा आप पर विपरीत प्रभाव भी हो सकता है। किसी के ऊपर दुरुपयोग न करें एवं साधना मे त्रुटि से होने वाले किसी भी क्षति  व हानि के उत्तरदायी आप स्वयं होंगे, शिव शक्ति सेवा धाम तंत्रशक्ति पीठ एवं साधना केंद्र इसके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।